Maati Ki Mahak (Bhag 2) : Sanatan Sanskriti evam Lok Kathayen
₹355.00 Original price was: ₹355.00.₹305.00Current price is: ₹305.00.
| Title | Details |
|---|---|
| Book Title | Maati Ki Mahak (Bhag 2) : Sanatan Sanskriti evam Lok Kathayen |
| ISBN | 978-93-89947-64-9 |
| Product Form | Paperback / softback |
| Language | Hindi |
| Genre | Literature |
| Name of Publishing Agency/Publisher | Excel India Publishers |
| Name of Author/Editor | Author: Nanak Chand |
| Publication Date | 28-02-2025 |
Description
अपनी जिन्दगी में हम जब कभी फुरसत के पलों में बीते दिनों पर नजर डालते हैं तो अनेक चेहरे, व्यक्ति और घटनाएं आंखों के सामने घूम जाती हैं। बचपन से आज तक परिवार के बड़े-बूढ़ों, मित्रों द्वारा सुनाई कथा-कहानियों ने, सोशल मीडिया ने मन पर गहरा प्रभाव डाला। और यह सच है कि जब कभी जीवन के किसी मोड़ पर मैंने अपने आप को दुविधा में फंसा पाया तो जीवन में सुनी भूली-बिसरी इन्हीं लोककथाओं और प्रसंगों ने मुझे प्रेरणा और उष्मा से भरा है। जिन्दगी में कठिनाईयों के गर्म थपेड़ों मुझे एक नई आशा, के बीच लोक-जीवन की इन सौंधी-सौंधी पुर्वाई ने उन मुश्किल हालात को आसान बनाने में मुझे एक नई रोशनी दिखाई। उसी रोशनी में देखता हुआ मैं जीवन पथ पर आगे बढ़ा हूं।
कुछ लेख व कहानियां जो मेरे दिल को छ गई, मैंने सोशल मीडिया से ली हैं। उन सभी मित्रों का जिन्होनें ये लेख व कहानियां लिखी हैं, मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूँ।
देश की मिट्टी में रची बसी इन कहानियों को मैंनें शब्दों के माणिक मोतियों में पिरोने / संग्रह करने की कोशिश की है। ‘माटी की महक’ शीर्षक से लिखा मेरा यह दूसरा कथा संग्रह है, जिन्दगी के उन मुकामों का जहां व्यक्ति को एक दिशा निर्देश की आवश्यकता होती है। आशा है मेरा यह प्रयास मनोरंजन करने के साथ-साथ आपके सहज ज्ञान में भी वृद्धि क गा। कथा-संग्रह के संकलन व सम्पादन में मेरी धर्मपत्नी श्रीमती चाँद रानी ने अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया है।
(नानक चन्द)
